
10 Mukhi Nepali Rudraksha (Das Mukhi)
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The 10 Mukhi Nepali Rudraksha (Das Mukhi) is associated with Lord Vishnu, the preserver and protector of the universe. This sacred bead is believed to provide strong protection from negative energies, evil eye, black magic, fear, and unseen obstacles.
This Rudraksha is lab-tested and certified, ensuring authenticity and natural origin. Sourced from Nepal, it features ten naturally formed mukhi (faces) and carries powerful spiritual vibrations.
It is highly beneficial for individuals facing mental stress, instability, negativity, or recurring obstacles in life. The bead promotes peace, confidence, protection, and spiritual balance.
Key Features:
- 100% Original Nepali Rudraksha
- 10 Mukhi (Ten natural lines)
- Lab Tested & Certified
- Represents Lord Vishnu
- Premium quality, hand-selected bead
- Energized and purified before dispatch
Benefits:
- Protects from negative energies and evil eye
- Helps remove fear, stress, and anxiety
- Brings peace, positivity, and stability
- Supports spiritual protection and balance
- Helps overcome obstacles and negativity
Who Should Wear:
- Individuals facing negativity or fear
- Spiritual seekers and meditators
- People experiencing instability or recurring obstacles
- Anyone seeking divine protection and peace
How to Use:
- Wear as a pendant or bracelet
- Best worn on Thursday morning after bath
- Chant “Om Hreem Namah” or “Om Namo Bhagavate Vasudevaya” 108 times before wearing
Care Instructions:
- Avoid chemicals, soap, and perfumes
- Clean occasionally with pure water
- Store in a clean and sacred place
Authenticity Assurance:
- Comes with Lab Testing Certificate
- Natural bead with no artificial carving or polishing
- Each Rudraksha is unique in size and texture
Important Note:
- Natural variations in shape, size, and color may occur
- Spiritual benefits may vary depending on belief and usage
दस मुखी रुद्राक्ष (#Dus_Mukhi_Rudraksh) भगवान श्रीकृष्ण का प्रतिनिधित्व करता है और इसे सभी ग्रहों से संबंधित माना जाता है। यह धारक को दसो दिशाओं में सुरक्षा प्रदान करता है, जैसे एक कवच। इसके धारण से व्यक्ति किसी भी ग्रह के दोषों से मुक्त होकर नकारात्मक ऊर्जा से भी सुरक्षित रहता है।
भगवान श्रीकृष्ण की भांति, यह रुद्राक्ष धारक की हर प्रकार से रक्षा करता है। इसे सेनाध्यक्ष माना जाता है और पुराणों के अनुसार, यह भगवान विष्णु का प्रतीक है। इसके 22 मनको को विभिन्न शरीर के अंगों पर धारण करने से धारक त्रिदेव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।
दस मुखी रुद्राक्ष का शासक ग्रह शनि है, जो न्याय, कर्म और अनुशासन का प्रतीक है। इसे पहनने से शनि की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद मिलती है और शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम करने का भी प्रयास किया जाता है।
इसका उपयोग जादू-टोने और भूत-प्रेत के भय से बचने के लिए भी किया जाता है, जिससे व्यक्ति मानसिक शांति और सुरक्षा महसूस कर सकता है। नियमित साधना और श्रद्धा के साथ इस रुद्राक्ष का उपयोग करने से अधिक लाभ मिल सकता है।
महत्व (Importance):
Ø दस मुखी रुद्राक्ष धारक को किसी भी ग्रह के बुरे प्रभाव से बचाता है।
Ø दस मुखी रुद्राक्ष धारक की काले जादू, नजर लगने, ईर्ष्या और असामयिक मृत्यु से बचाता है।
Ø भूत प्रेतों से सुरक्षा प्रदान करता है एवं वास्तु द्वारा जनित बुराइयों को भी दूर करता है।
Ø धारक के अंदर सुरक्षा की भावना का संचार करता है।
लाभ (Benefits):
ü दस मुखी रुद्राक्ष ज्ञान और बुद्धि की वृद्धि करता है।
ü नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है।
ü शारीरिक कल्याण को बढ़ावा देता है और हीलिंग गुणों को बढ़ाता है।
ü भावनाओं को संतुलित करने में मदद करता है।
ü स्वस्थ सम्बन्धों को बढ़ावा देता है।
ü आध्यात्मिकता को बढ़ा कर इष्ट के साथ सम्बन्ध को गहरा करता है।
ü अगर नौकरी-रोजगार में समस्या आ रही हो, तो दस मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है।
चिकित्सकीय लाभ (Medical Benefits):
Ø प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
Ø पेट और त्वचा के मुद्दों के इलाज में मदद करता है।
Ø यौन विकारों को दूर करने में मदद करता है।
चक्र से सम्बन्ध:
दस मुखी रुद्राक्ष (#Das_Mukhi_Rudraksh) का हृदय चक्र (#Hridaya / #Heart_Chakra) से जुड़ना इसकी आध्यात्मिक और चिकित्सीय विशेषताओं को स्पष्ट करता है।
1. हृदय चक्र का संतुलन: यह रुद्राक्ष अनहद चक्र (#Anahata_Chakra) को सक्रिय और संतुलित करने में मदद करता है, जो प्रेम, करुणा और भावनात्मक संबंधों का केंद्र होता है।
2. पारस्परिक संबंध: इसके धारण से रिश्तों में सुधार होता है, सहानुभूति और क्षमा की भावना को बढ़ावा मिलता है, जिससे व्यक्तिगत और सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं।
3. भावनात्मक स्वास्थ्य: यह रुद्राक्ष भावनात्मक उपचार में सहायक होता है, जिससे व्यक्ति तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाओं से मुक्त हो सकता है।
4. शारीरिक स्वास्थ्य: हृदय और संचार प्रणाली पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम होता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है।
साधना और उपयोग:
- इसके लाभों को अधिकतम करने के लिए, इसे नियमित रूप से धारण करने और ध्यान में उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
- हृदय चक्र को सक्रिय करने के लिए ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास भी किया जा सकता है, जिससे रुद्राक्ष का प्रभाव बढ़ता है।
इस प्रकार, दस मुखी रुद्राक्ष एक महत्वपूर्ण साधन है, जो न केवल आध्यात्मिक विकास में सहायक है, बल्कि भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।
राशि विशेष:
वृश्चिक (#Scorpio / #Vrischik) और मेष (#Aries / #Mesh) राशि के जातक यदि इस रुद्राक्ष को धारण करें, तो उनके शारीरिक कष्ट दूर होने लगते हैं। इसके अतिरिक्त, इस रुद्राक्ष के प्रभाव से मानसिक चंचलता भी कम होती है, जिससे व्यक्तित्व का विकास होता है। यह रुद्राक्ष संतुलन और स्थिरता प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति आत्म-विश्वास और आंतरिक शांति महसूस करता है।
रुद्राक्ष मन्त्र:
१० मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मन्त्र है:
शिव महापुराण के अनुसार - ऊँ ह्रीं नमः।
पद्मपुराण के अनुसार - ऊँ क्षीं।
Beads Group
- Mukhi:10 Mukhi
- Ruling Planet:Saturn
- Ruling Deity:Vishnu


