festivals-and-occasions, home2, latest-post

नवरात्र में माँ के स्वरूप के कुछ पूजा एवं नियम

मां दुर्गा की आराधना को समर्पित नवरात्रि के पहले दिन कलश या घट स्थापना से व्रत का प्रारंभ होता है। नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। नवरात्र व्रत की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से की जाती है। नवरात्र के 10 दिन प्रात: और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को प्रसन्न करना चाहिए। नवरात्र में हवन और कन्या पूजन अवश्य करना चाहिए। नारदपुराण के अनुसार हवन और कन्या पूजन के बिना नवरात्र की पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के लिए लाल रंग के

festivals-and-occasions, home2, latest-post

कब से है शारदीय नवरात्रि 2020? जानिए घटस्थापना मुहूर्त

नवरात्रि त्योहार का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. ये त्योहार देश के कोने-कोने में मनाया जाता है. चार प्रकार के मौसमी नवरात्र होते हैं, लेकिन जो सितंबर-अक्टूबर के महीनों में पड़ती है उसे शरद या शारदीय नवरात्रि कहा जाता है और यह सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्योहार है. हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार यह नवरात्रि शरद ऋतु में अश्विन शुक्‍ल पक्ष से शुरू होती हैं और पूरे नौ दिनों तक चलती हैं. इस बार शारदीय नवरात्रि 17 अक्टोबर से शुरू होकर 24 अक्‍टूबर, 2020 तक हैं. 25 अक्‍टूबर, 2020 को विजयदशमी या दशहरा (विजयदशमी ओर दशहरा) मनाया जाएगा. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त नवरात्रि 17 अक्टोबर से

Call Now!
Select your currency
INRIndian rupee