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श्राध या पितृपक्ष के नियम ?

श्राद्ध में चांदी की महिमापितरों के निमित्त यदि चांदी से बने हुए या मढ़े हुए पात्रों द्वारा श्रद्धापूर्वक जलमात्र भी प्रदान कर दिया जाए तो वह अक्षय तृप्तिकारक होता है। इसी प्रकार पितरों के लिए अर्घ्य ओर भोजन के पात्र भी चांदी के प्रशस्त माने गए है चूँकि चांदी शिवजी के नेत्रों से उद्भूत हुई है इसलिए यह पितरों को परम प्रिय है। श्राद्ध करने के अधिकारीश्राद्धकल्पलता के अनुसार श्राद्ध के अधिकारी पुत्र, पौत्र, प्रपौत्र, दौहित्र, पत्नी, भाई, भतीजा, पिता, माता, पुत्रवधू, बहन, भांजा सपिण्ड अधिकारी बताये गए है। श्राद्ध में प्रशस्त आसनरेशमी, नेपाली कम्बल, ऊन, काष्ठ, तृण, पर्ण, क

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