लक्ष्मी मंत्र के चमत्कारी लाभ

मंत्र का अर्थ होता है एक ऐसी ध्वनी जिससे मन का तारण हो अर्थात मानसिक कल्याण हो जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है ‘मन: तारयति इति मंत्र:’ अर्थात मन को तारने वाली ध्वनि ही मंत्र है। वेदों में शब्दों के संयोजन से इस प्रकार की कल्याणकारी ध्वनियां उत्पन्न की गई।


इसी प्रकार बीज मंत्र, मंत्रों का ही वह लघु रुप हैं, जो मंत्र के साथ लगाने से उत्प्रेरक का कार्य करते हैं। कुल मिलाकर बीज मंत्र को मंत्र का प्राण कहा जा सकता है।

शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दिन होता है और माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा से इंसान को धन की प्राप्ति होती है। अगर आप काफी समय से आर्थिक तंगी में है तो अपने काम के साथ साथ मां लक्ष्मी का इस तरह पूजन अवश्य करें। शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी को चंचला कहा जाता है अर्थात जो कभी एक स्थान पर रूकती नहीं। अतः लक्ष्मी अर्थात धन को स्थायी बनाने के लिए कुछ उपाय, पूजन, आराधना, मंत्र-जाप आदि का विधान है।

ऋषि विश्वामित्र के कठोर आदेश अनुसार लक्ष्मी साधना गोपनीय एवं दुर्लभ है तथा इसे गुप्त रखना चाहिए। ऐसा शास्त्रोक्त वर्णित है कि समुद्र-मंथन से पूर्व सभी देवता निर्धन और ऐश्वर्य विहीन हो गए थे तथा लक्ष्मी के प्रकट होने पर देवराज इंद्र ने महालक्ष्मी की स्तुति की, जिससे प्रसन्न होकर महालक्ष्मी ने देवराज इंद्र को वरदान दिया कि तुम्हारे द्वारा दिए गए द्वादशाक्षर मंत्र का जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रतिदिन तीनों संध्याओं में भक्तिपूर्वक जप करेगा, वह कुबेर सदृश ऐश्वर्य युक्त हो जाएगा।

शुक्रवार के दिन शाम के समय कमल गट्टे की माला से देवी लक्ष्मी के ॐ धनाय नम: मंत्र का जाप करें लाभ मिलेगा। साथ ही माता लक्ष्मी के धनाय नमो नम: मंत्र को रोज़ाना 11 बार पढ़ें धन संबंधित परेशानियों से बचे रहेंगे।

धन की देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आपको लक्ष्मी नमो नम: मंत्र पढ़ना चाहिए साथ ही किसी भी शुभ कार्य के लिए निकलने से पहले इसे ज़रूर पढ़ें।

देवी लक्ष्मी के इन विभिन्न मंत्रों को आप स्फटिक की माला से भी जप सकते हैं। अगर समय पर्याप्त है तो 108 बार मंत्र पढ़ें आपको निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।

अगर आप रोज़गार संबंधित परेशानियों से जूझ रहे हैं तो इन मंत्रों का शांत जगह पर बैठकर जाप करें आपको जल्दी ही एक अच्छा रोज़गार मिलने के संकेत बनेंगे।

कहा जाता है कि रावण ने भी इस मंत्र का जाप कर देवी लक्ष्मी को प्राप्त कर उनकी कृपा से सोने की लंका हासिल कि थी।

इस मंत्र का जाप लगातार 21 दिनों तक करना चाहिए और इस दौरान जितना हो सके अधिक से अधिक इस मंत्र का जाप करें जिससे इसका लाभ मिल सकता है।

मंत्र को सिद्ध करना बहुत आवश्यक है क्योंकि जैसे ही यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा आपको अवश्य ही धन प्राप्ति होने लगेगी और रूकावटें भी खत्म होंगी।

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