आयुर्वेद का इतिहास

आयुर्वेद, या आयुर्वेदिक दवाइया, भारतीय सभ्यता के इतिहास से जुडी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसे एक पूरक चिकित्सा के रूप में सदियों से प्रयोग किया जाता रहा है, भूमंडलीकरण या आधुनिकीकरण के दौर में प्रचलित चिकित्सा पद्धतिया एक प्रकार की पूरक चिकित्सा पद्धतिया ही है, पश्चिमी देशो में आयुर्वेद के उपचार और प्रथाओं को सामान्य स्वास्थ्य अनुप्रयोगों में और कुछ मामलों में चिकित्सा उपयोग में एकीकृत किया गया है।

शाश्त्रो के अनुसार आयुर्वेद की उत्पत्ति स्वयं भगवान् शिव द्वारा की गई, जिसे फिर ऋषियों मुनियो में प्रचारित किया गया और उनके द्वारा आम चिकित्सको में उसका प्रचार प्रसार किया गया, सुश्रुत संहिता में स्वयं ऋषि सुश्रुत द्वारा ऐसा वर्णन मिलता है जिसमे ये कहा गया है की, आयुर्वेद के देवता धन्वन्तरि ने स्वयं काशी नरेश के रूप में अवतार ले कर चिकितसकों के समूह में आयुर्वेद का ज्ञान प्रचारित किया था, उस समूह में स्वयं सुश्रुत जी भी थे जिन्होंने आगे चल कर सुश्रुत संहिता लिखी।

आयुर्वेद की उत्पत्ति आज से २००० से ५००० वर्षो पूर्व मानी जाती है, जबकि पिछली दो शताब्दियों में आयुर्वेद ने काफी तेज़ी के साथ प्रगति की है, आयुर्वेदिक पद्धत्तिया अमूमन जड़ी बूटियों, खनिजों एवं धातुओ के जटिल मिश्रण पर आधारित होती है, प्राचीन आयुर्वेदिक किताबो में हमें विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के बारे में बताया गया है, इनमे शल्य चिकित्सा, नासिकासंधान, गुर्दे की पथरी निकालना जैसी चीज़ो का इलाज़ भी दिया हुआ है।

प्राचीन संस्कृत कार्यो के अनुसार आयुर्वेद को आठ भागो में विभाजित किया गया है,चिकित्सको के इस कला लक्षण जिसमे की दवा को आठ भागो में बांटा गया हो उसका पहला उदहारण हमें महाभारत नामक ग्रन्थ में मिलता है और उनका वर्णन इस प्रकार से है:

कायचिकित्सा : सामान्य दवा, शरीर की चिकित्सा।
कौमारा-भृत्य : बच्चों के उपचार, बाल चिकित्सा।
शल्यतंत्र: शल्य चिकित्सा और शरीर से बहरी वस्तुवों का निस्तारण।
सालाक्यतंत्र : कान, आंख, नाक, मुंह, आदि को प्रभावित करने वाली बीमारियों का उपचार।
भूतविद्या : आत्माओ की शांति और ऐसे लोगो का उपचार जो इनके द्वारा प्रताड़ित है।
अगदतंत्र : जहरज्ञान।
रसायनतंत्र : उम्र, बुद्धि और ताकत बढ़ाने के लिए कायाकल्प और टॉनिक।
वाजीकरणतंत्र : कामोत्तेजना, वीर्य और यौन सुख की मात्रा और व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए उपचार।

अपने आगे के लेखो में हम आयुर्वेद के बारे में और जानने समझने की कोशिश करेंगे और आयुर्वेद की उत्पत्ति, आधार और उसके फायदों के बारे में चर्चा करेंगे।

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