<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" ?><!-- generator=Zoho Sites --><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"><channel><atom:link href="https://www.jaymahakaal.com/blogs/tag/शनि/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><title>Jaymahakaal Centre of Occult Sciences - Blog ##शनि</title><description>Jaymahakaal Centre of Occult Sciences - Blog ##शनि</description><link>https://www.jaymahakaal.com/blogs/tag/शनि</link><lastBuildDate>Fri, 10 Apr 2026 09:25:33 +0530</lastBuildDate><generator>http://zoho.com/sites/</generator><item><title><![CDATA[रुद्राक्ष धारण करना क्यों आवश्यक है? जानिए इसके 5 चमत्कारिक फायदे (5 Amazing Benefits of Rudraksha Mala)]]></title><link>https://www.jaymahakaal.com/blogs/post/why-one-should-wear-rudraksha</link><description><![CDATA[रुद्राक्ष को शिवजी का अश्रु माना जाता है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत पवित्र माना जाता है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य ]]></description><content:encoded><![CDATA[
<div class="zpcontent-container blogpost-container "><div data-element-id="elm_STJ_KRk1RJ-st8i8qcmedg" data-element-type="section" class="zpsection "><style type="text/css"></style><div class="zpcontainer"><div data-element-id="elm_9nFZnyR5R7mHL3ABGp81fg" data-element-type="row" class="zprow zpalign-items- zpjustify-content- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_lmKBUoRnRGqWe3wQetXtuw" data-element-type="column" class="zpelem-col zpcol-12 zpcol-md-12 zpcol-sm-12 zpalign-self- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_q28G8qDtQyC7wi8Wehg6jg" data-element-type="text" class="zpelement zpelem-text "><style></style><div class="zptext zptext-align-center " data-editor="true"><div><figure class="wp-block-image aligncenter size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/rudraksha_jaymahakaal.webp" class="wp-image-13569" style="width:457px;height:auto;"/></figure><p>रुद्राक्ष को शिवजी का अश्रु माना जाता है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत पवित्र माना जाता है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। आइए जानते हैं रुद्राक्ष धारण करने के चमत्कारिक फायदे:</p><h2 class="wp-block-heading">रुद्राक्ष धारण करने के लाभ</h2><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Petrichor-Certified-Original-Rudraksha-Mala-Brown-9-10mm-with-Certificate-for-Wearing-and-Japa-Mala-5-Mukhi-Mala-108-beads-Mala-Rosary.jpg" class="wp-image-16400" style="width:425px;height:auto;"/></figure><p>रुद्राक्ष की खासियत यह है कि इसमें एक अनोखे तरह का <strong>स्पदंन</strong> होता है। जो आपके लिए ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे बाहरी ऊर्जाएं आपको परेशान नहीं कर पातीं। इसीलिए रुद्राक्ष ऐसे लोगों के लिए बेहद अच्छा है जिन्हें लगातार यात्रा में होने की वजह से अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ता है। आपने गौर किया होगा कि जब आप कहीं बाहर जाते हैं, तो कुछ जगहों पर तो आपको फौरन नींद आ जाती है, लेकिन कुछ जगहों पर बेहद थके होने के बावजूद आप सो नहीं पाते। माना जाता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है और इसको प्राचीन काल से ही आभूषण की तरह पहना जाता रहा है।</p><p>हिंदू धर्म में रुद्राक्ष के&nbsp;मनके को बहुत पवित्र माना जाता है। रुद्राक्ष का आध्यात्मिक और ज्योतिष महत्व होता है। रुद्राक्ष को स्वयं भोलेनाथ का स्वरुप माना जाता है। पौराणिक&nbsp;कथाओं के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसू से हुई थी। रुद्राक्ष पर पड़ी लाइने उसे कई हिस्सों में विभाजित करती हैं, जिससे ये जाना जाता है कि कौन सा रुद्राक्ष कितने मुखी है।1 से लेकर 21 मुखी तक के रुद्राक्ष पाए जाते हैं। रुद्राक्ष पहनने से शारीरिक लाभ के साथ मानसिक लाभ भी मिलते हैं। रुद्राक्ष का उल्लेख पौराणिक कथाओं और शास्त्रों में भी मिलता है, लेकिन इसे धारण करते समय किसी विशेषज्ञ से उचित सलाह ले लेनी चाहिए। ताकि इससे आपको पूरा लाभ प्राप्त हो सके।</p><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><a href="http://localhost:10004/1-mukhi-rudraksha-usage-its-benefits/"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Rudraksha-Mala.jpg" class="wp-image-16401" style="width:445px;height:auto;"/></a></figure><p>इसकी वजह यह है कि अगर आपके आसपास का माहौल आपकी ऊर्जा के अनुकूल नहीं हुआ तो आपका उस जगह ठहरना मुश्किल हो जाएगा। रुद्राक्ष नकारात्मक ऊर्जा के बचने के एक असरदार कवच की तरह काम करता है। कुछ लोग नकारात्मक शक्ति का इस्तेमाल करके दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में, कर्क और मकर संक्रांति के दिन, <strong>अमावस्या, पूर्णिमा</strong> और पूर्णा तिथि पर रुद्राक्ष धारण करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। कुंडली में <strong>शनि</strong> के अशुभ प्रभाव, <strong>स्वास्थ्य</strong> की समस्या, रोजगार की समस्या, घर की समस्या आदि चीजें से फायदा मिलता है।</p><p>हर इच्छा की पूर्ति करता है रुद्राक्ष - कहते हैं भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान है। <strong>शिव</strong> का अर्थ ही <strong>कल्याण</strong> है तो यह रुद्राक्ष कल्याण के लिए ही धरती पर आया है। इसके अनेक नाम हैं <strong>रुद्राक्ष, शिवाक्ष, भूतनाशक, पावन, नीलकंठाक्ष, हराक्ष, शिवप्रिय, तृणमेरु, अमर, पुष्पचामर, रुद्रक, रुद्राक्य, अक्कम, रूद्रचल्लू</strong> आदि। रुद्राक्ष वृक्ष और फल दोनों ही पूजनीय हैं। मानव के अनेकों रोग, शोक, बाधा नष्ट करने की शक्ति रुद्राक्ष में है। इसमें चुम्बकीय और विद्युत ऊर्जा से शरीर को रुद्राक्ष का अलग-अलग लाभ होता है।</p><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/%F0%9F%95%89%EF%B8%8F%F0%9F%99%8F%F0%9F%8F%BC-Har-har-mahadev-%F0%9F%94%B1%F0%9F%99%8F_.jpg" class="wp-image-16402" style="width:492px;height:auto;"/></figure><p>रुद्राक्ष को लेकर मान्यता है कि इसको धारण करने से कई तरह की <strong>शारीरिक समस्याएं </strong>दूर हो जाती हैं। वैज्ञानिक परिक्षण में भी यह बात साबित हो चुकी है कि दिल के रोगियों में रुद्राक्ष धारण करने से बहुत फायदा होता है। रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति पर महालक्ष्मी की कृपा होती है। जीवन में सभी सुख सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं।</p><p>श‍िवपुराण के अनुसार जो एक मुखी&nbsp;<strong>रुद्राक्ष</strong>&nbsp;धारण करने से हृदय और नेत्र रोग दूर होता है। इसके अलावा सिर दर्द से भी राहत म‍िलती है। मन विकार से रहित होता है और भय मुक्त रहता है। साथ ही लक्ष्मी की कृपा होती है।</p><p>वैसे तो शास्त्रों में विशेष स्थिति में कमर पर भी रुद्राक्ष धारण करने की बात कही गई है लेकिन सामान्यतौर पर इसे <strong>नाभि </strong>के ऊपरी हिस्सों पर ही धारण करें। रुद्राक्ष को कभी भी अंगूठी में धारण नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से इसकी पवित्रता नष्ट हो जाती है। रुद्राक्ष धारण किए हुए कभी भी प्रसूति गृह, श्मशान या किसी की अंतिम यात्रा में शामिल ना हों। मासिक धर्म के दौरान स्त्रियों को रुद्राक्ष उतार देना चाहिए। इसके अलावा रात को सोने से पहले भी रुद्राक्ष उतार दें।</p><p>रुद्राक्ष इस धरती पर अकेली ऐसी वस्तु है जिसको मंत्र जाप और ग्रहों को नियंत्रित करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। मान्यताओँ के मुताबिक रुद्राक्ष की माला में (108+1, 54+1, 27+1) रुद्राक्ष रहते हैं। +1 को सुमेरू माना जाता है, जिसे जाप करते वक्त लांघा नहीं जाता। माला पहनने व जाप करने के लिए करीब रखी जाती है। <strong>रुद्राक्ष </strong>में वो <strong>शक्ति</strong> है जो अपने धारक को हर तरह की परेशानी से लड़ने की क्षमता देता है और उनको दूर करता है।</p><h3 class="wp-block-heading">रुद्राक्ष धारण करने के नियम-</h3><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Rudraksha-Mala-With-Narmadeshwar-Shivling-Pendant-For-Men-Women-5-Mukhi-Rudraksha-Mala-Shaligram-Narmada-Pendant-Necklace-Yoga-Meditation-pack-Of-1-1.jpg" class="wp-image-16403" style="width:497px;height:auto;"/></figure><div class="wp-block-group"><p><br/> -रुद्राक्ष को हमेशा अपने पैसे से ही खरीदे क्योंकि दूसरों से पैसों से खरीदा गया रुद्राक्ष आपको फायदा नहीं पहुंचाता है।<br/> -रुद्राक्ष धारण करने के लिए सावन या फिर शिवरात्रि का दिन श्रेष्ठ माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समपर्पित है, इसलिए आप सोमवार को भी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं।<br/> -किसी ज्योतिष की सलाह से अपनी कुंडली आदि की जांच करवाने के पश्चात ही रुद्राक्ष धार</p><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Eight-Mukhi-Bracelet-Lab-Certified-8-Mukhi-Rudraksha-Bracelet-Shiva-Bracelet-Yoga-Bracelet-Eight-Faced-Rudraksha-Bracelet.jpg" alt="" class="wp-image-16404" style="width:588px;height:auto;"/></figure><p>-करें। इससे आपको पता रहेगा कि&nbsp;यह आपके ऊपर किस तरह का प्रभाव डालेगा।&nbsp;<br/> -रुद्राक्ष को विधिवत् पूजा करने के बाद मंत्रों से अभिमंत्रित करने के बाद ही पहनें।<br/> -रुद्राक्ष बहुत पवित्र होता है। इसे गंदे हाथों से न छुएं।<br/> -रुद्राक्ष धारण किया है तो मांस मदिरा का त्याग कर देना चाहिए।<br/> -अगर आपने कही से ताजा रुद्राक्ष (फल से निकाला गया) लिया है तो पहले उसे तेल में ड़ुबा देना चाहिए।<br/> -रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।<br/> -रुद्राक्ष धारण करने वाले जातक को अपना आचरण सही रखना चाहिए।</p></div>
<figure class="wp-block-image aligncenter size-large is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/rudraksha_jaymahakaal-image-1024x506.webp" alt="" class="wp-image-13570" style="width:591px;height:292px;"/></figure><h3 class="wp-block-heading">रुद्राक्ष धारण करने के स्वास्थ्य फायदे</h3><figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Rudraksha-Buddhist-Bracelet-Large-683x1024.jpg" class="wp-image-16405" style="width:498px;height:auto;"/></figure><p><br/> -ज्योतिष या धार्मिक नहीं बल्कि विज्ञान भी यह मान चुका है कि रुद्राक्ष को&nbsp;धारण करने से मानसिक और शारीरिक लाभ मिलते हैं।<br/> -रुद्राक्ष को हृदय पर धारण करने से यह आपके हृदय की सेहत को फायदा पहुंचाता है।<br/> -हाई बल्डप्रेशर&nbsp;और तनाव को कम करने में भी रुद्राक्ष फायदेमंद है।</p><p>-रुद्राक्ष धारण करने से ऊर्जा और शक्ति का अनुभव होता है।</p><h3 class="wp-block-heading">रुद्राक्ष धारण करने के लाभ&nbsp;</h3><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Rudraksha-Mala-With-Gomukhi-Japa-Bag-5-Face-panchmukhi-Rudraksh-Rosary-Garland-Japa-Mala-Necklace-For-Puja-Yoga-Meditation-Rudraksha-Kantha-Mala-108-1-Prayer-Beads-For-Men-Women-Wearing-4mm-5mm.jpg" class="wp-image-16406" style="width:459px;height:auto;"/></figure><p><br/> -धारण करने से मां महालक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती है। जिससे आपको धन लाभ होता है।<br/> -जातक को अपने जीवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं प्राप्त होती है।<br/> -रुद्राक्ष धारण करने के व्यक्ति के पापकर्म नष्ट हो जाते हैं।&nbsp;<br/> -आपके मन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।<br/> -ग्रहों के कमजोर स्थिति में होने के कारण व्यक्ति को कभी-कभी अपनी जिंदगी में बहुत सारी परेशानियों का एक के बाद एक सामना करना -पड़ता है। जो लोग ग्रहों से पीड़ित हैं उन्हें रुद्राक्ष पहनने से बहुत लाभ मिलता है। रुद्राक्ष ग्रहों के बुरे प्रभाव से मुक्ति दिलाता है।</p><p></p><p>हिन्दू संस्कृति या सनातन धर्म के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने हेतु या जानने हेतु आप हमसे हमारी ईमेल आईडी askus@jaymahakaal.com पर संपर्क कर सकते है।</p><p>हमारे <a href="https://www.facebook.com/JayMahakal01/">फ़ेसबुक</a> लिंक&nbsp;को लाइक एवं शेयर करें&nbsp;और नित नई जानकारियो के लिए हमसे जुड़े रहिये और विजिट करते रहिए&nbsp;<a href="http://localhost:10004/"><strong>www.jaymahakaal.com</strong></a></p><p>रुद्राक्ष, क्रिस्टल्स, इत्यादि के बारे में जानकारी या खरीदने हेतु, आप हमसे इस नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं&nbsp;<a href="tel:9152203064">+91 - 9324801420&nbsp;</a>पर</p><p><strong><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0);" class="has-inline-color has-light-green-cyan-color"> 👉👉<a href="http://localhost:10004/shop/">आज ही असली और प्रमाणित रुद्राक्ष खरीदें।</a></mark></strong></p><p>यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आए हो, तो नीचे दिए गये कॉमेंट बॉक्स में अपनी राय हमें अवश्य दें</p><p><strong>जय महाकाल।।</strong></p></div></div>
</div></div></div></div></div></div> ]]></content:encoded><pubDate>Fri, 03 Dec 2021 10:25:10 +0530</pubDate></item><item><title><![CDATA[८ मुखी रुद्राक्ष(8 Mukhi Rudraksha- Important Benefits) के महत्त्व, लाभ एवं धारण मंत्र]]></title><link>https://www.jaymahakaal.com/blogs/post/eight-mukhi-rudraksha-its-benefit</link><description><![CDATA[ ८ मुखी रुद्राक्ष ८ मुखी रुद्राक्ष ८ मुखी रुद्राक्ष आठ दिशाओं और आठ सिद्धियों का नेतृत्व करता है। वैसे तो आठ मुखी रुद्राक्ष भगवान गणेश और भैरव बाबा का ]]></description><content:encoded><![CDATA[
<div class="zpcontent-container blogpost-container "><div data-element-id="elm_So8vN0x6RXOxc0ADp7mXMA" data-element-type="section" class="zpsection "><style type="text/css"></style><div class="zpcontainer"><div data-element-id="elm_tr1r9RavR7WrldisEzJasw" data-element-type="row" class="zprow zpalign-items- zpjustify-content- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_ZMzIyN56TQOy_eXbne_Sng" data-element-type="column" class="zpelem-col zpcol-12 zpcol-md-12 zpcol-sm-12 zpalign-self- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_tY1zBy9gS4awN0OhFcJGkg" data-element-type="text" class="zpelement zpelem-text "><style></style><div class="zptext zptext-align-center " data-editor="true"><div><figure class="wp-block-image aligncenter size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Eight-Mukhi-Rudraksha-Mala-Jaymahakaal.jpg" class="wp-image-13592" style="width:350px;height:350px;"/><figcaption class="wp-element-caption"><strong> ८ मुखी रुद्राक्ष </strong></figcaption></figure><h2 class="wp-block-heading"><strong>८ मुखी रुद्राक्ष </strong></h2><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/11/8-Mukhi-Rudraksha-Eight-Face-Rudraksh-Nepal-Bead-Lab-Certified-20_MM.jpg" class="wp-image-16375" style="width:510px;height:auto;"/></figure><p><strong>८ मुखी रुद्राक्ष</strong> आठ दिशाओं और <strong>आठ सिद्धियों</strong> का नेतृत्व करता है। वैसे तो आठ मुखी रुद्राक्ष भगवान <strong>गणेश और भैरव बाबा</strong> का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस रुद्राक्ष में साक्षात <strong>माँ गंगा</strong> का वास होता है इसलिए इस रुद्राक्ष को पहनने से गंगा में नहाने जैसा पुण्य मिलता है। आठ मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह राहु है।</p><p>मान्यता है कि पूरे विधि-विधान और पवित्र कर पहने गए इस रुद्राक्ष से भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं। इस रुद्राक्ष को सोमवार, <strong>अमावस्या या पूर्णिमा</strong> के दिन पहनना शुभ माना जाता है। इस रुद्राक्ष का स्वामी गृह राहु है इसलिए इस रुद्राक्ष के धारक के राहु दोष दूर होते है। शास्त्रों के अनुसार जिस तरह हर पूजा से पहले प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा की जाती है, उसी तरह इस रुद्राक्ष को बिना किसी संकोच या जानकारी के भी धारण किया जा सकता है।</p><p>यह रुद्राक्ष आठ पहाड़ों की तरह है और इसमें पहाड़ों की शक्ति है। जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को उचित सिद्धि (मंत्र के साथ शुद्धिकरण और चार्ज करने की विधि) के बाद पहनता है, वह सभी आठ प्रहर (दिन के 24 घंटे) प्रहर नामक आठ भागों में विभाजित हो जाता है और सभी सुख प्राप्त कर लेता है।</p><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/11/98f48a03-f63c-4911-a399-6a6e546f87b7.jpg" alt="" class="wp-image-16703" style="width:439px;height:auto;"/></figure><p>यह रुद्राक्ष सात शक्ति यानि सुमेरु में सबसे ऊंचा है। इस रुद्राक्ष को पहनने वाले को सभी उपक्रमों में सफलता मिलती है। यदि इस रुद्राक्ष का उपयोग दो पारा गेंदों के साथ किया जाता है; यह बुद्धि को बढ़ाएगा और धन और धन के नए अवसरों को खोलेगा।</p><p>8 मुखी (आठ मुखी) रुद्राक्ष का सत्तारूढ़ ग्रह राहु है इसलिए यह पुरुषोचित प्रभाव को बढ़ाने में सहायक है। राहु का पुरुषार्थ प्रभाव शनि या शनि के समान है। 8 मुखी रुद्राक्ष मनके से चरित्र और मन की शक्ति बढ़ती है और खुशी, प्रसिद्धि, अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है।</p><h3 class="wp-block-heading"><strong>८ मुखी रुद्राक्ष</strong><strong>के</strong><strong>महत्त्व:</strong></h3><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/11/Panch-Mukhi-Rudraksha-Beads-Stretch-8mm-Bracelet-Healing-for-Men-Women-Control-Stress-And-brings-positive-energy_.jpg" class="wp-image-16376" style="width:513px;height:auto;"/></figure><p><br/> १. शनि और राहु ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करता है।<br/> २. ऐसा माना जाता है की इस रुद्राक्ष के धारक को स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति होती है।<br/> ३. आठ मुखी रुद्राक्ष धारक गंध और दीक्षा की शक्ति देता है।<br/> ४. यह रुद्राक्ष धारक को भगवान गणेश के नजदीक ले जाता है तथा उच्च बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद देता है।</p><p></p><h3 class="wp-block-heading"><strong><strong>८</strong> मुखी रुद्राक्ष के लाभ (8 mukhi rudraksha benefits)</strong></h3><p></p><figure class="wp-block-image aligncenter size-full"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/12/Eight-Mukhi-Rudraksh-Jaymahakaal.jpg" alt="" class="wp-image-13593"/></figure><ul class="wp-block-list"><li>राहू के बुरे प्रभावों से बचने के लिए इस रुद्राक्ष को पहनने की सलाह दी जाती है। अगर कोई व्‍यक्‍ति इसे पहनता है तो उस पर राहू की कुदृष्टि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।</li><li>अकाल मृत्‍यु और कई तरह के भय से भी मुक्‍ति मिलती है।</li><li>माना जाता है कि जो भी व्‍यक्‍ति आठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करता है उसे मृत्‍यु के उपरांत भगवान शिव का साथ मिलता है।</li><li>ज्ञान, सम्‍मान और शक्‍ति पाने के लिए भी इसे पहन सकते हैं।</li><li>आठ मुखी रुद्राक्ष अपने पहनने वाले के जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।</li><li>यह समग्र सफलता सुनिश्चित करता है और पहनने वाला कभी भी अपने विरोधियों से हार का सामना नहीं करता है।</li><li>राहु के ग्रह प्रभाव इस मनके द्वारा ठीक हो जाते हैं और इसलिए यह रहस्यमय प्रकार के रोगों में सहायक है और प्राचीन</li><li>वैदिक ग्रंथों के अनुसार बुरी आत्माओं के खिलाफ एक कवच प्रदान करता है। सर्प दंश भी राहु के पुरुष प्रभाव का परिणाम है और यह रुद्राक्ष ऐसे मामलों में भी सहायक है।</li><li>प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार, यह रुद्राक्ष दु: स्वप्न, त्वचा रोग और फेफड़े, पैर, त्वचा और हाइड्रोसिओल के रोगों को ठीक करने में बहुत मददगार बताया गया है।</li><li>बार-बार विफल होने के कारण यह पहनने वाले को तनाव और चिंता से बचाता है। यह रुद्राक्ष उन लोगों के लिए भी बहुत अच्छा है, जिनकी कुंडली में “सर्प दोष” (5 वें घर में ग्रह राहु) है।</li><li>एक आठ मुखी रुद्राक्ष मोटे तौर पर ज्योतिषियों द्वारा उपयोग किया जाता है और जो लोग भोग में रुचि रखते हैं क्योंकि यह उनके लिए बहुत अच्छा है।</li></ul><p></p><h3 class="wp-block-heading"><strong>8 मुखी रुद्राक्ष के</strong><strong>चिकित्स्कीय लाभ:</strong></h3><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/11/six-face-_-6-mukhi-rudraksha-mala-Indonesian-with-6-mukhi-Sumeru-nepal-rudraksha-1081-beads-8mm-size.jpg" class="wp-image-16378" style="width:556px;height:auto;"/></figure><p><br/> १. यह रुद्राक्ष मानसिक सुस्ती को दूर कर के धारक को अधिक सक्रिय करता है।<br/> २. आठ मुखी रुद्राक्ष पैरो और हड्डियों की परेशानियों को दूर करता है।<br/> ३. मोटापा दूर करता है।<br/> ४. आठ मुखी रुद्राक्ष त्वचा एवं फेफड़ो की बीमारियों को दूर करता है।<br/> ५. आठ मुखी रुद्राक्ष धारक को तनाव और चिंताओं से मुक्त करता है।</p><p></p><p><strong>राशि विशेष:</strong><br/> हर राशि के जातक के लिए उत्तम माना जाता है।</p><p></p><h3 class="wp-block-heading"><strong>८</strong><strong>मुखी</strong><strong>रुद्राक्ष मन्त्र</strong>:</h3><figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="http://localhost:10004/wp-content/uploads/2021/11/Rare-8-Mukhi-Rudraksha-Kantha-Collector-Size-Java-Beads.jpg" class="wp-image-16379" style="width:633px;height:auto;"/></figure><p><br/> ८ (8 ) मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मन्त्र है: “ॐ हूं नमः”</p><p>इस रुद्राक्ष को साथ मुखी रुद्राक्ष के साथ धारण करना अति शुभ माना गया है, ७ मुखी रुद्राक्ष माँ लक्ष्मी का प्रतीक है, इसलिए सात और आठ मुखी रुद्राक्ष को एक साथ धारण करने की सलाह दी जाती है।</p><p>हमारे रुद्राक्ष सीधे नेपाल के बागान से आयात किए जाते हैं, यह बागान स्वयं जय महाकाल सेंटर ऑफ अकल्ट साइन्स द्वारा खरीदें गये है| &nbsp;साथ ही अपने जीवन से जुड़ी यदि कोई समस्या हो जैसे उचित नौकरी, स्वयं का घर, विवाह में परेशानी, लंबी बीमारी से त्रस्त, डिप्रेशन, इत्यादि तो आप हमसे सपर्क कर सकते हैं.</p><p></p><p><strong>ओरिजिनल एवं सही मूल्य पर रुद्राक्ष खरीदें ने के लिए संपर्क करें </strong></p><p><mark style="background-color:rgb(252, 185, 0);" class="has-inline-color has-luminous-vivid-amber-color"><strong>🛒👉 <a href="http://localhost:10004/shop/">अब मूल रुद्राक्ष खरीदें</a></strong></mark></p><p>हिन्दू संस्कृति या सनातन धर्म के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने हेतु या 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</div></div></div></div></div></div> ]]></content:encoded><pubDate>Thu, 04 Nov 2021 15:11:51 +0530</pubDate></item></channel></rss>