<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" ?><!-- generator=Zoho Sites --><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"><channel><atom:link href="https://www.jaymahakaal.com/blogs/tag/Hindu-Sanskriti/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><title>Jaymahakaal Centre of Occult Sciences - Blog #Hindu Sanskriti</title><description>Jaymahakaal Centre of Occult Sciences - Blog #Hindu Sanskriti</description><link>https://www.jaymahakaal.com/blogs/tag/Hindu-Sanskriti</link><lastBuildDate>Fri, 10 Apr 2026 11:08:17 +0530</lastBuildDate><generator>http://zoho.com/sites/</generator><item><title><![CDATA[क्यों मनाते हैं गणेश चतुर्थी]]></title><link>https://www.jaymahakaal.com/blogs/post/why-we-celebrate-ganesh-chaturthi</link><description><![CDATA[गणेश चतुर्थी बुद्धि एवं ज्ञान के देवता भगवान गणेश की पूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है, गणेशोत्सव भारत के सबसे बड़े हिन्दू पर्वों में से एक है। गणेशो ]]></description><content:encoded><![CDATA[
<div class="zpcontent-container blogpost-container "><div data-element-id="elm_sRMxYnpsRSyhHPWOj0cjQQ" data-element-type="section" class="zpsection "><style type="text/css"></style><div class="zpcontainer"><div data-element-id="elm_JDEIIKHpQ0afDH8nkMrzDw" data-element-type="row" class="zprow zpalign-items- zpjustify-content- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_QBZzbqToRQO7csyYF5b-Jg" data-element-type="column" class="zpelem-col zpcol-12 zpcol-md-12 zpcol-sm-12 zpalign-self- "><style type="text/css"></style><div data-element-id="elm_Dv6aoYD8Q_Sz0U8ta5fWwA" data-element-type="text" class="zpelement zpelem-text "><style></style><div class="zptext zptext-align-center " data-editor="true"><div><p>गणेश चतुर्थी बुद्धि एवं ज्ञान के देवता भगवान गणेश की पूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है, गणेशोत्सव भारत के सबसे बड़े हिन्दू पर्वों में से एक है। गणेशोत्सव देश भर में मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में इसकी धूम कुछ ज्यादा ही होती है। इस त्योहार में हिन्दू धर्म के प्रथम पूज्य देवता भगवान गणेश की पूजा की जाती है।</p><p>हिन्दू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को इसे मनाया जाता है। नारद पुराण के अनुसार भगवान शिव ने देवी पार्वती द्वारा उत्पन्न बालक की गर्दन काट दी थी, जिसके बाद माता पार्वती के कहने पर भगवान शिव ने उस बालक के धड़ में एक हाथी का सिर लगा दिया और इससे भगवान गणेश की उत्पत्ति हुई थी, तब से ही इस दिन को गणेश उत्सव के रूप में मनाया जाता है।</p><p>गणेशोत्सव का पर्व यूं तो मराठा सम्राट शिवाजी के समय से शुरु हो गया था जिसके बाद पेशवा और मराठा सम्राज्य के कई राजघरानों ने इसे अपनाया, सार्वजनिक तौर पर इसे आम आदमी तक पहुंचाने का श्रेय स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी बाल गंगाधर को जाता है, जिन्होंने पुणे में इस पर्व को लोगों के घरों तक पहुंचाया इस लिए ऐसा भी कहा जा सकता है कि सबसे पहले इस त्यौहार की शुरु पुणे से की गई थी।</p><p>इस वर्ष गणेश चतुर्थी २२ अगस्त, २०२०, शनिवार को है। इसे श्रीगणेश चतुर्थी, पत्थर चौथ और कलंक चौथ के नाम भी जाना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है की पहले यह पर्व सिर्फ एक दिन ही मनाया जाता था, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के पर्व के रूप में मनाया जाता था इसके बाद फिर 10 दिन गणपति पूजा की परम्परा शुरू हुई। अंग्रेजो के शासन काल में युवाओं में अपने धर्म के प्रति नकारात्मकता और अंग्रेजी आचार-विचार के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा था और हिंदू अपने धर्म के प्रति उदासीन होने लगे थे, उस समय महान क्रांतिकारी व जननेता लोकमान्य तिलक ने सोचा कि हिंदू धर्म को कैसे संगठित किया जाए? तिलक ने गणेशोत्सव को आजादी की लड़ाई के लिए एक प्रभावशाली साधन बनाया। जिसमें ये तय किया गया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (अनंत चतुर्दशी) तक गणेश उत्सव मनाया जाए। 10 दिनों के इस उत्सव में हिंदुओं को एकजुट करने व देश को आजाद करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर भी विचार किया जाता था।&nbsp;अब सामूहिक रूप के साथ साथ लोग अपने अपने घरों में गणेश उत्सव को मनाने लगें हैं और गणपति पूजा कर घर में संपन्नता और सौभाग्य की मंगल कामना करते हैं।</p><p>हमारे facebook लिंक <a href="https://www.facebook.com/JayMahakaal01/" target="_blank" rel="noreferrer noopener" title="https://www.facebook.com/JayMahakal01/">https://www.facebook.com/JayMahakal01/</a> को like और share करें twitter और instagram पर फॉलो करे हमारा handle है @jaymahakaal01 और नित नई जानकारियो के लिए हमसे जुड़े रहिये और विजिट करते रहिए <a href="http://localhost:10004" target="_blank" rel="noreferrer noopener">www.jaymahakaal.com</a> आप हमसे मेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है हमारी</p></div></div>
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