home2, latest-post, Reiki

रेकी एक परिचय – रेकी चिकित्सा, और इसके फायेदे

रेकी उपचार वैकल्पिक चिकित्सा की एक लोकप्रिय पद्धति है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। रेकी उपचार से तनाव कम होता है व मनोदशा बदलती है। शरीर के रोगों में राहत मिलती है और कुछ बड़े रोगों के लक्षणों से बचाव होता है। 1- रेकी से तन-मन को लाभ रेकी एक वैकल्पिक और प्राकृतिक चिकित्सा विधि है। यह एक जापानी शब्द है, जिसका अर्थ होता है जीवन शक्ति-प्राण शक्ति। यह शक्ति हम सभी लोगों के पास होती है और हमारा जीवन इस शक्ति पर ही चलता है। रेकी उपचार में हाथों की हथेलियों से छूकर उपचार किया जाता है इसलिए यह पद्धति स्पर्श चिकित्सा की श्रेणी में आती है। रेकी उपचारक

festivals-and-occasions, home2, latest-post

जानिए नवरात्रि में माँ के किस रूप को कौन सा भोग पसंद है?

17 अक्टोबर यानी शनिवार से शारदीय नवरात्रि (नवरात्रि 2020) शुरू हो रहे हैं. स्‍वर्ग से धरती पर उतर रहीं देवी के लिए यह धरती उनका मायका है. अतः घर आई बेटी को अच्छा भोजन और श्रृंगार अर्प‍ित किया जाता है. आइए जानते हैं कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा को क्या-क्या भोग लगाना चाहिए. शंकरजी की पत्नी एवं नव दुर्गाओं में प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का महत्व और शक्तियां अनंत है. अगर आप बीमारी से परेशान हैं तो इस दिन मां को घी का भोग लगाएं. आपके सारे दुःख ख़त्म होते हैं. द्वितीया तिथि पर मां ब्रह्मचारिणी  की पूजा होगी. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक़्कर, सफेद मिठाई एवं मिश

festivals-and-occasions, home2, latest-post

नवरात्र में माँ के स्वरूप के कुछ पूजा एवं नियम

मां दुर्गा की आराधना को समर्पित नवरात्रि के पहले दिन कलश या घट स्थापना से व्रत का प्रारंभ होता है। नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। नवरात्र व्रत की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से की जाती है। नवरात्र के 10 दिन प्रात: और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को प्रसन्न करना चाहिए। नवरात्र में हवन और कन्या पूजन अवश्य करना चाहिए। नारदपुराण के अनुसार हवन और कन्या पूजन के बिना नवरात्र की पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के लिए लाल रंग के

festivals-and-occasions, home2, latest-post

कब से है शारदीय नवरात्रि 2020? जानिए घटस्थापना मुहूर्त

नवरात्रि त्योहार का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. ये त्योहार देश के कोने-कोने में मनाया जाता है. चार प्रकार के मौसमी नवरात्र होते हैं, लेकिन जो सितंबर-अक्टूबर के महीनों में पड़ती है उसे शरद या शारदीय नवरात्रि कहा जाता है और यह सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्योहार है. हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार यह नवरात्रि शरद ऋतु में अश्विन शुक्‍ल पक्ष से शुरू होती हैं और पूरे नौ दिनों तक चलती हैं. इस बार शारदीय नवरात्रि 17 अक्टोबर से शुरू होकर 24 अक्‍टूबर, 2020 तक हैं. 25 अक्‍टूबर, 2020 को विजयदशमी या दशहरा (विजयदशमी ओर दशहरा) मनाया जाएगा. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त नवरात्रि 17 अक्टोबर से

home2, latest-post, ratna-and-upratna

Healing properties of garnet and it’s usage

GARNET is a very powerful stone and is also called as stone of commitment. It heals the broken relationship and increases faith, love and trust. Garnet is an invigorating stone, associated with vitality and increased energy. It strengthens the aura, balances the energy field, and promotes an overall atmosphere of positive energy. In addition, Garnet provides courage and victory. Garnet is a stone of warmth and understanding. It is known to lift the spirits and warm the heart. It let go of depression and helps resolve loneliness and survival issues. Garnet also boosts

home2, latest-post, ratna-and-upratna

7 chakra stones to heal your body, mind and soul

Our human body is made up of elements that are balanced by seven chakras. These seven chakras are our energy wheels because their balancing, nurturing, and healing plays a vital role in our body. These chakras make our body clean and they are extremely good for our health and well-being.  Balancing of these 7 chakras can be done with the power of chakra stones. Each of the chakra stone is unique in it own ways as all these 7 stones have different and unique benefits. Let’s know about the 7 chakras stones which are known for their healing properties. Clear Quartz Cl

Call Now!
Select your currency
INRIndian rupee