Sadhak

कैसे बन जाते हैं हम स्वयं के दुश्मन

आज कल देखा जा रहा है एक फैशन से चल गया है भगवान को बदलने का पूजा करने की विधि विधान को बदलने का ।। वैसे तो हमारे सनातन धर्म के तीन मुख्य देवी देव है

  1. ब्रह्मा – सृष्टि रचियता इनके साथ विध्यमान है ज्ञान की देवी माँ सरस्वती।
  2. विष्णु – पालन करता इनके साथ विध्यमान है धन की देवी माँ लक्ष्मी।
  3. महेश – विनाश करता इनके साथ विध्यमान हैमाँ पार्वती शक्ति रूप।

इन त्रिदेव की उत्पत्ति स्वम् पुरुष से हुई है, ओर त्रिदेवी की उत्पत्ति स्वम् प्रकृति से हुई है। इन्ही त्रिशक्तियो से ही इस संचार का संचालन सतयुग से चिरकालयुग तक होता रहा है और आज भी हो रहा है। किंतु आज कल का गृहस्थ मनुष्य इतना लोभी हो गया है मानो बुद्धि में कीड़े पड़ गए हो, सबसे पहले अपने पड़ोस में ये झांक कर देखता है कि पडोसी कौन से देवी देव को पूजता है, जो इसके घर मे इतना पैसा है। अगर कोई साधक है तो वह यह निरंतर यही सोचता है इस साधक के पास ये सिद्धि कैसे है, इसका इष्ट कौन है? जो वह करता है काम हो जाता है, उसका इष्ट कौन है, कौन सी साधना की है, मुझे पता लग जाये तो मैं भी वो सब कर लूं, इन विचारो से स्वयं की बुद्धि भ्रष्ट नही होगी, स्वयं का पतन नही तो होगा तो क्या होगा?

कभी सोचा है हमारे पतन का मूल कारण हम स्वयं ही क्यों और कैसे है? हम अपने सनातन के प्रति पतन का मूल कारण क्यों है? नही सोचा क्योंकी हमें ऐसा लगता है कि हम जो कहते है, सोचते है वही सत्य है बाकी तो सब झूठ है। इसका मूल कारण अटूट सत्य सिर्फ यही है, ना तो हमे स्वयं पर विश्वास है, ना हमे अपने इष्ट पर विश्वास है। खुद के जैसे विचार है वही अपने शिष्य को साधक दे रहे है और बड़े बुजुर्ग संस्कारहीन कर रहे है स्वयं के बच्चो को, तो बताओ कैसे सम्भव है की हमारा पतन न हो, जब तक हम खुद को सच से अवगत करके सत्य का प्रकाश किसी को नही दिखाएंगे तब तक हमारा स्वयं का और समाज का पतन रुकना संभव नही, जब तक खुद से सच ना बोले, जब तक झूठ का सहारा लेते रहे तब तक किसी का भला होना तो दूर की बात है हाँ हमारा पतन अवश्यम्भावी है।

यदि आपके पास वेद-पुराण, कुंडली या हिन्दू संस्कृति से सम्बंधित सवाल हो तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं, हमारा ईमेल id है info@jaymahakaal.com

साथ ही आप हमारे फेसबुक पेज www.facebook.com/JayMahakal01, ट्विटर, और इंस्टाग्राम @jaymahakaal01 को like और share करें और नित नई जानकारियो के लिए हमसे जुड़े रहिये और विजिट करते रहिए।

www.jaymahakaal.com

जय माँ। जय बाबा महाकाल।।

जय माँ जय महाकाल

Like us on facebook:

हमें अपनी राय से अवगत कराये ताकि हम आपको आपके हिसाब से आर्टिकल्स दे सके। जय महाकाल।।