हथेली से सूर्य रेखा की जानकारी।

हाथों में सूर्य-ग्रह स्थान
————————
यश का मुकुट, विद्या का भूषण
और सफलता साथ लिए है;
अनामिका के मूल में बसता
सूर्य हमारा सबसे प्रिय है ।

अति उच्च हो ग्रह-बिम्ब स्थल, ग्रह-गुण से अति संतृप्त करेगा;
विद्या दे, पर दम्भ भरे; यश-रेखा में रोक करेगा ।
तेज सूर्य से मिले सफलता, ग्रह-बिम्ब हो जब उभरा ;
कर्मों से ही भाग्य बनेगा, यदि हस्तरेख में रवि सुधरा ।

सूर्य दबा नहीं हो सकता सफल, प्रतिष्ठित मानव का;
धूमिल, कटी सूर्य रेखा से कल्याण कहाँ है मानव का ।
ऊँचे पद आसीन है कोई, कार्य-कुशल यशस्वी है,
निश्चय उसके हस्तरेख में सूर्य-स्थान तेजस्वी है।
जय महाकाल !

हिन्दू संस्कृति या सनातन धर्म के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने हेतु अथवा कुंडली, वास्तु, हस्त रेखा, विवाह, नौकरी इत्यादि से सम्बंधित कोई समस्या हो तो आप हमसे हमारी ईमेल आईडी info@jaymahakaal.com पर संपर्क कर सकते है।

ऐसी ही रोचक जानकारी नित प्राप्त करने के लिए हमारे facebook लिंक
https://www.facebook.com/JayMahakal01/ को like एवं share करें साथ ही twitter एवं instagram पर फॉलो करें @jaymahakaal01 । हमसे जुड़े रहिये और विजिट करते रहिए www.jaymahakaal.com

Like us on facebook:

हमें अपनी राय से अवगत कराये ताकि हम आपको आपके हिसाब से आर्टिकल्स दे सके। जय महाकाल।।