Month: October 2017

दिनांक २७.१०.२०१७ का पंचांग एवं राशिफल

***|| जय श्री महाकाल ||***
अथ पंचांगम्

दिनाँक -: 27/10/2017,शुक्रवार
कार्तिक, शुक्ल पक्ष
(समाप्ति काल)

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दिनांक २६ अक्टूबर २०१७ का पंचांग एवं राशिफल

कर्ज से मुक्ति के लिए कर्जदार व्यक्ति को चाहिए कि दोनों मुट्ठियों में काली राई लें। चौराहे पर पूर्व दिशा की ओर मुंह रखें तथा दाहिने हाथ की राई को बाईं ओर तथा बाएं हाथ की राई को दाहिनी दिशा में फेंक दें। राई फेंकने के पश्चात चौराहे पर….

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दिनांक २५ अक्टूबर २०१७ का पंचांग एवं राशिफल

|| जय श्री महाकाल ||
अथ पंचांगम्

दिनाँक -: 25/10/2017,बुधवार
कार्तिक, शुक्ल पक्ष
पंचमी
(समाप्ति काल)

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दिनांक २४ अक्टूबर २०१७ का पंचांग एवं राशिफल

??????????
***|| जय श्री महाकाल ||***
??? अथ पंचांगम् ???

दिनाँक -: 24/10/2017,मंगलवार
कार्तिक, शुक्ल पक्ष
चतुर्थी
(समाप्ति काल)

तिथि————-चतुर्थी07:06:12 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र————-ज्येष्ठा17:44:37
योग————–शोभन16:47:34
करण———विष्टि भद्र07:06:11
करण—————भाव20:20:35
वार————————-मंगलवार
माह————————–कार्तिक
चन्द्र राशि—– वृश्चिक 17:44:37
चन्द्र राशि———————— धनु
सूर्य राशि————————तुला
रितु निरयन———————शरद
रितु सायन———————हेमन्त
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————हेम्लम्बी
संवत्सर (उत्तर)———–साधारण
विक्रम संवत—————–2074
विक्रम संवत (कर्तक)——-2074
शाका संवत—————–1939

सूर्योदय—————–06:25:42
सूर्यास्त——————17:40:36
दिन काल—————11:14:54
रात्री काल————–12:45:43
चंद्रोदय——————10:08:05
चंद्रास्त——————21:06:26

लग्न–तुला 6°42′ , 186°42′

सूर्य नक्षत्र———————स्वाति
चन्द्र नक्षत्र———————ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया———————-ताम्र

??? पद, चरण ???

यी—-ज्येष्ठा 11:00:13

यू—-ज्येष्ठा 17:44:37

ये—-मूल 24:29:47

??? ग्रह गोचर ???

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य=कन्या 06 ° 42 ‘ स्वाति ,1 रू
चन्द=वृश्चिक 24°24’ज्येष्ठा ‘ 3 यी
बुध=तुला ,16 ° 39’ स्वाति ‘3 रो
शुक्र=कन्या ’17 ° 52’ हस्त, 3 ण
मंगल=कन्या08°52 ‘उoफाo ‘4 पी
गुरु=तुला 08 ° 55′ स्वाति , 1 रू
शनि=वृश्चिक 29 ° 49’ ज्येष्ठा ‘4 यू
राहू=कर्क 26 ° 32 ‘आश्लेषा , 3 डे
केतु=मकर 26 ° 32 ‘धनिष्ठा, 1 गा

???शुभा$शुभ मुहूर्त???

राहू काल 14:52 – 16:16अशुभ
यम घंटा 09:14 – 10:39अशुभ
गुली काल 12:03 – 13:28अशुभ
अभिजित 11:41 -12:26शुभ
दूर मुहूर्त 08:41 – 09:26अशुभ
दूर मुहूर्त 22:47 – 23:32अशुभ

?गंड मूल अहोरात्र अशुभ

?चोघडिया, दिन
रोग 06:26 – 07:50अशुभ
उद्वेग 07:50 – 09:14अशुभ
चाल 09:14 – 10:39शुभ
लाभ 10:39 – 12:03शुभ
अमृत 12:03 – 13:28शुभ
काल 13:28 – 14:52अशुभ
शुभ 14:52 – 16:16शुभ
रोग 16:16 – 17:41अशुभ

?चोघडिया, रात
काल 17:41 – 19:16अशुभ
लाभ 19:16 – 20:52शुभ
उद्वेग 20:52 – 22:28अशुभ
शुभ 22:28 – 24:03*शुभ
अमृत 24:03* – 25:39*शुभ
चाल 25:39* – 27:15*शुभ
रोग 27:15* – 28:51*अशुभ
काल 28:51* – 30:26*अशुभ

?होरा, दिन
मंगल 06:26 – 07:22
सूर्य 07:22 – 08:18
शुक्र 08:18 – 09:14
बुध 09:14 – 10:11
चन्द्र 10:11 – 11:07
शनि 11:07 – 12:03
बृहस्पति 12:03 – 12:59
मंगल 12:59 – 13:56
सूर्य 13:56 – 14:52
शुक्र 14:52 – 15:48
बुध 15:48 – 16:44
चन्द्र 16:44 – 17:41

?होरा, रात
शनि 17:41 – 18:44
बृहस्पति 18:44 – 19:48
मंगल 19:48 – 20:52
सूर्य 20:52 – 21:56
शुक्र 21:56 – 22:59
बुध 22:59 – 24:03
चन्द्र 24:03* – 25:07
शनि 25:07* – 26:11
बृहस्पति 26:11* – 27:15
मंगल 27:15* – 28:19
सूर्य 28:19* – 29:23
शुक्र 29:23* – 30:26

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार। शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार।अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें। उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें। शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें। लाभ में व्यापार करें। रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें। काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है। अमृत में सभी शुभ कार्य करें।

?दिशा शूल ज्ञान——-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है।
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च। भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय:।।

?अग्नि वास ज्ञान -:

4 + 3 + 1= 8 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है।

? शिव वास एवं फल -:

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक,दुःख, कारक

?भद्रावास एवं फल -:

प्रातः 07:07 तक समाप्त

पाताल लोक = धन लाभ कारक

???शुभ विचार???

नैव पश्यति जन्माधः कामान्धो नैव पश्यति। मदोन्मत्ता न पश्यन्ति अर्थी दोषं न पश्यति।।
।।चा o नी o।।

जो जन्म से अंध है वो देख नहीं सकते. उसी तरह जो वासना के अधीन है वो भी देख नहीं सकते. अहंकारी व्यक्ति को कभी ऐसा नहीं लगता की वह कुछ बुरा कर रहा है. और जो पैसे के पीछे पड़े है उनको उनके कर्मो में कोई पाप दिखाई नहीं देता।

???उपाय / टोटका???

व्यापारी वर्ग के लिए कुछ उपाय जो उनके व्यापार को बढाने में मददगार रहेंगे और व्यापार को बुरी नज़र से बचायेंगे।

  1. जैसे ही सुबह दूकान या ऑफिस खोलें उसे पहले साफ़ करें या करवाएं उसके बाद लक्ष्मी जी के चित्र के सामने दीप धूप और अगरबत्ती जलाएं । इसके बाद नीचे दिया हुआ मंत्र 5 बार बोलें और इसके बाद ही दिन का काम काज शुरू करें ।
    ॐ श्री शुक्ला महाशुक्ले निवासे।श्री महालक्ष्मी नमो नमः||
  2. अगर आप अपने ऑफिस या दूकान में तराजू इस्तेमाल करते हैं तो उसे रोज़ धोया करें । अगर इलेक्ट्रॉनिक मशीन है तो हलके गीले कपडे से रोज़ सुबह साफ़ करिए।
  3. अगर आपको थोडा नुक्सान भी हो रहा हो तो सुबह आये हुए पहले ग्राहक को कभी खाली हाथ लौटने मत दें ।

??दैनिक राशिफल??

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत्।।

?मेष
कुसंगति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे।

?वृष
कोर्ट व कचहरी के कार्य निबटेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। चिंता में कमी होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा।

?मिथुन
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। दांपत्य जीवन के विवादों का समाधान होगा।

?कर्क
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। कार्यक्षेत्र में लाभदायी अवसर मिलेंगे।

?सिंह
विवाद को बढ़ावा न दें। क्लेश होगा। पुराना रोग उभर सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। आपके द्वारा लिए गए निर्णय लाभप्रद रहेंगे। लाभ कम होगा।

??कन्या
प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। धन एवं यश मिलने की संभावना रहेगी।

तुला
उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। सम्मान बढ़ेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार में नवीन योजनाओं का शुभारंभ होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

?वृश्चिक
रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बाहरी सहायता मिलेगी। परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।

?धनु
अपरिचितों पर अतिविश्वास न करें। व्ययवृद्धि होगी। कुसंगति से बचें। चिड़चिड़ापन रहेगा। कार्यक्षेत्र में विश्वास हासिल करने में सफल रहेंगे।

?मकर
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में नयी योजना लागू करेंगे।

?कुंभ
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। कार्यक्षेत्र की सभी समस्याएं दूर होंगी।

?मीन
कोर्ट-कचहरी में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। जोखिम न लें। उन्नति होगी। लाभ होगा। रुकी रकम प्राप्त होने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

?आपका दिन मंगलमय हो?
?????????

जय महाकाल आप सभी का स्वागत है

आप सब का स्वागत है हमारे नए प्रयास में, उम्मीद है आप सब का सहयोग हमें सदैव मिलता रहेगा, ये प्रयास है हमारी सभ्यता को जानने, समझने का, आप सभी का सहयोग इसमें अति महत्वपूर्ण है, ताकि हम यह जान सके कि हमारी किस प्रकार कि पोस्ट्स इत्यादि से जनमानस को फायदा होगा और किन पोस्ट्स से हम अपने समाज में जागरूकता फैला सकते है जिससे कि रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए अपने समाज को ज्यादा से ज्यादा ऊपर ले जा सके और अपनी संस्कृति के अथाह समुद्र में से कुछ मोती चुन कर ला सके
आप सभी के सहयोग के महत्वकांछी

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